अकसर हार्ड ड्राइव्स के फेल हो जाने से हम डेटा खो बैठते हैं। फेल होने से हमारा मतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक या मकैनिकल कॉम्पोनेन्ट्स का काम न करना जिसके चलते ऐसी स्थित पैदा हो जाती है जहां से डेटा रिकवर करने में या तो हजारों रुपये लग जाते हैं या फिर कभी हो ही नहीं पाता।
आजकल के ड्राइव्स रेटेड होते हैं और इनके साथ MTBF (Mean Time Between Failures) दिया जाता है, जिससे यह पता चलता है कि वे अमूमन कितने टाइम चल पाएंगी। कई ड्राइव्स की रेटिंग्स 300,000 घंटे तक होती है, जो कि काफी लंबा वक्त है। लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं है कि ये कभी फेल नहीं होंगी।
1. ठीक से रीसर्च करने के बाद एक अच्छी क्वालिटी का यूपीएस खरीदें जिसके साथ सर्ज प्रोटेक्शन भी मिल रहा हो। आंधी तूफान या खराब पावर सोर्स से पावर ऊपर-नीचे होती है जिससे ड्राइव्स फेल हो जाती हैं। कई यूपीएस डिवाइस सॉफ्टवेयर को इतना वक्त भी दे देती हैं कि आप अपना सिस्टम पावर न होने की स्थिति में कम से कम शट डाउन कर सकें। इस सर्विस का जहां तक हो सके अपना डेटा और इन्वेस्टमेंट सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल करें।
गौर करें कि आपके आस-पास का माहौल ज्यादा वक्त तक इस्तेमाल करने के लिए ठीक हो। ह्यूमिडिटी और तापमान में बार-बार आने वाले बदलावों से बचें और सुनिश्चित करें कि सिस्टम क आस-पास का वातावरण अच्छा हो। अपने ड्राइव्स और कम्प्यूटर्स के आसपास वेंट सुनिश्चित करें। अगर मौसम बिल्कुल ही सूखा हो तो उसमें थोड़ी ह्यूमिडिटी बढ़ाएं।
2. पावर मैनेजमेंट फीचर्स महत्वपूर्ण हैं क्योंकि उनसे हार्ड ड्राइव उस वक्त स्लीप मोड और रेस्ट मोड पर जा सकती है जब वह इस्तेमाल में न हों। कोशिश करें कि रातभर आपका कम्प्यूटर बंद ही रहे ताकि जो ड्राइव्स पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
3. कम्प्यूटर और एक्स्टर्नल हार्ड डिस्क ड्राइव्स का इस्तेमाल सावधानी से करें। उन्हें सिर्फ तभी जगह से हटाएं जब जरूरी हो जाए (और पहले ही बैकअप क्रिएट कर लें)। हार्ड डिस्क ड्राइव्स काफी सुविधाजनक हैं, लेकिन बेहतर होगा कि आप अपनी ड्राइव को 'ट्रैवल' ड्राइव और मेन स्टोरेज ड्राइव्स में बांट लें।
4. ड्राइव को मॉनिटर करना बहुत जरूरी है। इसके लिए SMART टूल इन्स्टॉल करें और देखें कि कहीं आपकी ड्राइव खराब तो नहीं होने वाली। अगर आपको कोई रीड और राइट एरर दिख रही हो, बहुत ज्यादा आवाज़ आ रही हो, या मोटर स्पीड में बदलाव नजर आए, तो तुरंत संभल जाएं और ड्राइव बदल दें।
Other-
Update the operating system 2- Remove unnecessary programs 3- Defragment the hard drive 4- Clean in and around the physical machine 5-Maintain computer security 6- Utilize the power save and sleep modes



0 comments:
Post a Comment