आज के आधुनिक युग में कंप्यूटर का बहुत महत्व है, जो भी काम हो चुटकियो में कर देता है कंप्यूटर की बड़ती उपयोगिता को देखते हुए कंपनी भी बहुत से मॉडल बाजार में लाती है जो अलग अलग छ्मता और अलग अलग रेट के होते है , कंप्यूटर लेने से पहले आपको ये सोचने होगा की आप कंप्यूटर किस लिए ले रहे है आप उस पे क्या काम करने वाले है , अगर आप कंप्यूटर खरीदने जा रहे हो तो हम आपको कुछ टिप्स देते है जिनकी मदत से आपको कंप्यूटर खरीदने में आसानी होगी
१- कही आप डेस्कटॉप और लेपटोप के चक्कर में तो नहीं फसे है
दोनों की ही अपनी-अपनी विशेषतायें हैं साथ ही कुछ परेशानियॉ भी जुडी हुई हैं, जैसे कि डेस्कटॉप को आप लैपटॉप की तरह कहीं भी बैग में रखकर ले जा नहीं सकते हैं, ऐसे ही लैपटॉप का की-बोर्ड और माउस खराब होने पर बाजार से तुरंत खरीदकर अपना काम शुरू नहीं कर सकते हैं। फिर ऐसे में कौन बेहतर है और किसका चुनाव करना चाहिये, सीधी सी बात है डेस्कटॉप देखने में भले ही भारी भरकम और बडा होता है लेकिन उसका मेंटेनेंस उतना ही सस्ता और अासान होता है जबकि इसके विपरीत लैपटॉप का मेंटेनेंस कहीं मॅहगा होता है, लैपटाॅप, डेस्कटॉप के मुकाबले एक नाजुक उपकरण है, अगर कही गलती से भी हाथ से छूट गया तो आपको अछा खासा चुना लग सकता है डेस्कटॉप में ये बिलकुल भी नहीं है , लेपटोप के रेंज १७००० से स्टार्ट होती है और डेक्टॉप तो ४००० रूपये में भी मिल जाते है, लेपटोप की सर्विस बहुत महगी होती है और डेस्कटॉप तो कम खर्च में ही सर्विस हो जाती है , अगर आपको कंप्यूटर की थोड़ी भी नॉलेज है तो छोटी मोटी प्रॉब्लम आप खुद ही सॉल्व कर सकते है
२ -सबसे पहले आपको प्रोसेसर पे ध्यान देना होगा
आजकल बहुत उन्नत किस्म के प्रोसेसर उपलब्ध है, जैसे कोर आई ३, कोर आइ5, कोर आइ7 अगर अाप घरेलू यूजर हैं तो आपको इन प्रोसेसर की गति का अन्तर पता भी नहीं चलेगा, घरेलू काम के लिये आप कोर आइ3 या ड्यूल कोर का भी चुनाव कर सकते हैं, कोर आइ5, कोर आइ7 के मुकाबले यह काफी सस्ते होते हैं।
३- रैम
रैम आपके कंप्यूटर को वर्किग स्पेस देती है, अगर सीधी भाषा में कहें तो आपके कंप्यूटर रैम जितनी ज्यादा है हैंग होने की संभावना उतनी ही कम होती है, रैम जितनी अधिक होगी कंप्यूटर की स्पीड पे भी इसका बहुत प्रभाव पड़ता है आप ने धयान दिया होगा की कम रैम वाले कंप्यूटर में गेम खलने पे हो बहुत हैंग करता है और बहुत से काम एक साथ करने पर भी हैंग हो जाता है कंप्यूटर की रैम जितनी अधिक होगी मल्टीटास्किंग भी आप उतनी अच्छी कर सकते है , वैसे आजकल 2 GB से कम तो किसी लैपटॉप अौर कंम्प्यूटर में आ ही नहीं रही है, लेकिन अगर आप और भी अच्छी स्पीड चाहते हैं तो आप 4 GB रैम का चुनाव कर सकते हैं।
४- हार्ड डिस्क ड्राइव
घर और ऑफिस के काम में बडा ही अंतर होता है। ऑफिस में आप ज्यादातर वर्ड, एक्सल जैसी एप्लीकेशन पर काम करते हैं, इनकी फाइलें ज्यादा जगह नहीं घेरती हैं लेकिन घर में आप कंप्यूटर में काम के साथ-साथ गेम्स, फोटो, मूवी भी स्टोर करते हैं, जिसके लिये आपको ज्यादा स्पेस की जरूरत होती है। वैसे भी अगर आप केवल अब मोबाइल के फोटाे और वीडियो की क्वालिटी भी हाई होती जा रही है और अगर आप उनके फोटो और वीडियो भी कंप्यूटर में स्टोर करें तो आपको ज्यादा स्पेस वाली हार्डडिस्क का चुनाव करना होगा,
इसलिये हार्ड डिस्क ड्राइव का चुनाव बडा ही सोच समझकर करें, आजकल
500जीबी से लेकर
2000 जीबी तक की हार्डडिस्क बाजार में उपलब्ध है।
स्क्रीन साइज
बहुत से व्यक्ति लैपटॉप का चुनाव स्क्रीन साइज से करते हैं, लेकिन लैपटॉप का चुनाव स्क्रीन साइज को देखकर कभी ना करें, एक तो स्क्रीन साइज बडा होने से लैपटॉप भारी हो सकता है, साथ ही अगर डिस्प्ले कम रेज्योलूशन वाला हुआ तो कंप्यूटिंग एक्सपीरिएंस खराब भी हो सकता है। इसलिये अच्छे रेज्योलूशन वाला स्क्रीन ही पसंद करें, अगर अच्छा दिखाई नहीं दिया तो आपका पैसा वेस्टेज ही समझिये। स्क्रीन रेज्योलूशन जरूर देखें। डेस्कटॉप के लिये आप अपनी सुविधानुसार स्क्रीन साइज का चुनाव कर सकते हैं, वैसे मीडियम साइज
18.5 इंज का डिस्प्ले बिलकुल सही होता है, लेकिन अगर आपको कंम्प्यूटर पर मूवी देखने का शौक है या आप उस पर टीवी ट्यूनर लगाकर टीवी देखना चाहते हैं तो 22 इंच का साइज पर्याप्त है।




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